WEEKLY POST: लक्ष्य BPSC – भाग 3

उम्मीद करता हूँ की पिछले एक सप्ताह में जब जिंदगी फिर से अपनी पटरी पर लौटने को आतुर है तो आप अपने लक्ष्य BPSC के लिए कुछ निर्णायक कदम अवश्य उठाये होंगे|

पिछले रविवार (06/06/2021) को 64वीं BPSC का अंतिम परिणाम घोषित किया गया जिसमें 1454 उम्मीदवारों को अपने मेहनत एवं लग्न के अनुरूप आयोग ने परिणाम दिया, फिर क्या था उम्मीदवारों के साथ- साथ उसके घर – परिवार वाले, गाँव वाले, जिला वाले, दूर के काका- काकी, ताई-ताऊ, मामा-मामी आदि फूले नहीं समाये|सिविल सेवा की सुगंध ही ऐसी होती है कि जनमानस में इसके प्रति सकारात्मक सम्मान का भाव होता है| आपको किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में लाखों का महीना मिलता है, लोगों को भनक तक नहीं लगेगी पर आप का चयन सिविल सेवा में हो गया है तो इलाके में हल्ला मच जाएगा और आप नायक व नायिका हो जायेंगे, लोगों के प्रेरणा स्रोत बन जायेंगे, आपके घर वाले अब आपके नाम से जाने जायेंगे| भला इससे बड़ी उपलब्धि और क्या हो सकती है|

अपने पिछले आलेख में इस बात का जिक्र किया था कि मैं आपको 64वीं BPSC में बिहार प्रशासनिक सेवा केलिए चयनित 24वाँ स्थान प्राप्त मेधा सिन्हा के साक्षात्कार अनुभव से रूबरू कराऊंगा| मेधा सिन्हा मेरे फूफेरे भाई श्री विवेकानन्द विवेक – मुख्य अभियंता (CPWD)की बड़ी बेटी है| उसने अपनी प्रारम्भिक पढाई देश के विभिन्न शहरों से की है क्योंकि उनके पिताजीकेंद्रीय सेवा में हैं और प्रत्येक तीन से पांच साल में उनका तबादला होता रहता है| ग्यारहवीं एवं बारहवीं की पढाई उसने DPS R K PURAM दिल्ली से की है, उसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू महाविद्यालय से भौतिकी में स्नातक की है| कई बार UPSC सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दे चुकी है परंतु अंतिम परिणाम तक नहीं पहुँच पाईं पर मेरा मानना है कि वो इसमें भी अपना स्थान अवश्य सुनिश्चित करेगी| 64वीं BPSC में पहली बार वह शामिल हुई और अंतिम रूप से अपना स्थान भी प्राप्त किया| इसी बीच 2017 में SBI PO में भी उसका चयन हो गया था और करीबन 3 साल नौकरी करने के बाद,ISB, HYDERABAD से प्रबंधन हेतु प्रवेश परीक्षा में 100% की स्कोलरशिप प्राप्त होने पर, इस्तीफा दे चुकी है| उसने UPSC एवं BPSC की परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में भूगोल विषय का चयन किया था| मेरा इन बातों के उल्लेख के पीछे एक आशय है और वो यह है कि साक्षात्कार में व्यक्ति के जीवनवृत का महत्व होता है और जीवनवृत व्यक्ति के साक्षात्कार की दिशा तय करती है| अर्थात आप इन बातों पर गौर करेंगे तो आपको साक्षात्कार की तैयारी हेतु विशेष अध्ययन की जरुरत नहीं पडेगी|

जब मुझे भैया से मेधा के चयन के बारे में जानकारी हुई थी तो उसी दिन तय हुआ था की हम लोग 13 जून को मिलेंगें | 13 जून को जब हम लोग मिले तो दिन की खाना और रात के खाना के बीच सिर्फ और सिर्फ बातें हुई, चाहे वो प्रारम्भिक परीक्षा से जुडी हो या मुख्य परीक्षा से या फिर साक्षात्कार से, फिर अंकों का विश्लेषण हुआ| कुल मिलाकर मैं आपके सम्मुख मेधा के साक्षात्कार से संबंधिततथ्यों को रखूँगा जिससे आप अपने जीवनवृत के अनुरूप समझकर अपने साक्षात्कार हेतु तैयार हो सकते हैं|

मुख्यतः साक्षात्कार के प्रश्नों को विभिन्न प्रारूपों में बाँट सकते हैं :

  1. स्वयं का परिचय
  2. आपके स्नातक वाले विषय से संबंधित प्रश्न
  3. यदि स्नातक वाले विषय आपके वैकल्पिक विषय नहीं हैं तो उससे से संबंधित प्रश्न
  4. आपके रूचि(HOBBY) से संबंधित प्रश्न
  5. यदि आप किसी सेवा में रहे हैं तो उससे संबंधित प्रश्न
  6. वर्तमान के समसामियिक मुद्दों से संबंधित प्रश्न
  7. इन्हीं प्रश्नों में वो कहीं न कहीं आपके धैर्य एवं भरोसे की परख भी कर लेते हैं|

 

इन्हीं प्रारूपों के अंतर्गत मैं मेधा के साक्षात्कार अनुभव की व्याख्या करता हूँ :

8 फरवरी 2021 को मेधा का साक्षात्कार था| वह देशी परिधान साड़ी पहन कर साक्षात्कार के लिए गई| साक्षात्कार बोर्ड में अनुमति लेकर प्रवेश करने के बाद सभी सदस्यों का अभिवादन की| बैठने की अनुमति के उपरांत बैठते ही चेयरमैन सर का प्रश्न – अपने बारे में बताइए?                                    उत्तर से संतुष्ट होकर अगला प्रश्न – आपके पदों की प्राथमिकता क्या है?

पुनः अगला प्रश्न – बैंकों के निजीकरण के बारे में आपकी क्या राय है?  जवाब से संतुष्ट होकर उन्होंने बोर्ड के दूसरे सदस्य को प्रश्न पूछने का इशारा कर दिए|

दूसरे सदस्य ने करीबन 8-10 प्रश्न स्नातक एवं वैकल्पिक विषयों से संबंधित पूछे :

ठन्डे मरुस्थल किसे कहते हैं?

यह कहाँ है और इसका नाम क्या है?

क्या भारत में कोई ठंडी मरुस्थल है?

यदि है तो उसका क्या नाम है?

डायोपटर किसका मात्रक है?

विद्युत् से संबंधित 5 मात्रकों का नाम बताइए?

भौतिकी के सिधांतों से संबंधित और भी कई प्रश्न| उनके अनुसार ये सदस्य महोदय ठीक बताने पर भी पूछा करते थे आप आश्वस्त हैं अर्थात वो धैर्य और भरोसा दोनों चेक कर रहे थे|

चूँकि मेधा SBI बैंक में PO के रूप में कार्य कर चुकी थी सो एक सदस्य केवल बैंकिंग एवं अर्थव्यवस्था से संबंधित छोटे से छोटे सवाल को भी बारीकी से पूछे और सभी का जवाब मेधा ने बखूबी दी|

अब अगले सदस्य की बारी आई उन्होंने रूचि(hobby) के बारे में पूछाऔर रीडिंग सुनते ही प्रश्न कि क्या पढ़ती हैं?

उपन्यास सुनते ही अगला प्रश्न की हाल में किस उपन्यास को पढ़ी हैं| मेधा अंग्रेजी में एक उपन्यास ‘सेपियंस’

पढ़ी थी सो बताई| शायद बोर्ड के सदस्य भी उस उपन्यास को पढ़े हुए थे सो करीबन दो दर्जन सवाल और मेधा सभी का जवाब सही सही-सही दी| बोर्ड के सदस्य बहुत ही प्रभावित हुए और प्रशंसा भी की|

कुछ सवालों को आपके सामने रखता हूँ :

लेखक का क्या नाम है?

लेखक किस देश के रहने वाले हैं?

लेखक का लिंग क्या है?

उपन्यास के अलग-अलग अध्यायों से संबंधित प्रश्न|

उपन्यास के तीन बात जो आपको महत्वपूर्ण लगती हो| आदि

अब अगले सदस्य के द्वारा वर्तमान की घटनाओं से संबंधित प्रश्न की बारी आती है  :

कोविड से संबंधित प्रश्न तथा सेंट्रल विस्टा से संबंधित प्रश्न | इन सभी सवालों में सेंट्रल विस्टा के स्थापत्य से संबंधित प्रश्न में मेधा को कहना पड़ा की सर मैं इसके स्थापत्य से संबंधित तथ्यों से अवगत नहीं हूँ|

इसे छोड़कर मेधा सारे सवालों का जवाब शांतचित्त एवं गंभीरतापूर्वक दी और उसे साक्षात्कार में 120 में से 90 अंक प्राप्त हुआ|

कुल मिलाकर यदि आप अपने जीवनवृत्त के अनुरूप तैयार होकर साक्षात्कार में जाते हैं तो साक्षात्कार आपकी सफलता में सहायक सिद्ध होगी|

  • अगले आलेख में मैं एक अलग जीवनवृत्त एवं उसके साक्षात्कार के अनुभव की चर्चा करूंगा जिससे आप स्वयं को सापेक्षिक रूप में रखते हुए अपने साक्षात्कार हेतु तैयार हो सकते हैं| मेरे मित्र अशोक भारती छठी JPSC में द्वितीय स्थान प्राप्त एवं छठी JPSC के साक्षात्कार में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 100 में 87|

मेरा उद्देश्य है कि आप इस परीक्षा के तीनों प्रारूप से इतने परिचित हो जाइये कि तीनों की तैयारी साथसाथ हो|

अब अगले आलेख में –(खुश रहें स्वस्थ रहें)

 

(कुँवर आईंस्टीन