झारखंड में खेलकूद

 

  • झारखंड क्रीडा क्षेत्र में अग्रणी रहा है। सन् 1928 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान जयपाल सिंह झारखंड के ही थे, जिन्होंने एम्सटर्डम् ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। तभी से हॉकी को झारखंड में लोकप्रियता मिली और यह खेल यहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेला जाने लगा। वृक्षों से हॉकी के आकार की डाली काट ली जाती और गेंद की अनुपस्थिति में ही लकड़ी का टुकड़ा लेकर खेल शुरू हो जाता। हॉकी के प्रति इस लगाव से भारत को झारखंड राज्य से राष्ट्रीय स्तर के अनेक खिलाड़ी मिले हैं। सिलवानुस, डुंगडुग माइकल किंडो, हेलेन सोय, दयामणि सोय, एडलिन केरकेट्टा और पुष्पा प्रधान जैसे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने देश भर में झारखंड का नाम रोशन किया।
  • हॉकी के बाद फुटबॉल में भी इस राज्य के लोगों को रुचि रही है। राज्य में इस खेल की संभावनाओं से कितने ही फुटबॉल क्लब स्थापित हैं, जिनके बीच परस्पर प्रतिस्पर्धाएं होती रहती हैं। इन क्लबों से निकलकर राष्ट्रीय फुटबॉल में अपना और राज्य का नाम रोशन करनेवाले सितारों में पी.के. बनर्जी, रीता कुमारी, रंजीत रुद, अशोक सेनापति, अली इमाम, रोबिन राणा और सुधीर तिर्की जैसे और भी कई खिलाड़ी थे। अपनी शारीरिक सौष्ठवता और चपलता के लिए मशहूर झारखंड के इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन उच्चकोटि का रहा।
  • तीरंदाजी तो वैसे आदिवासियों का पारंपरिक खेल था, लेकिन बाद में इसकी संभावनाओं पर विधिपूर्वक कार्य हुए तो देश को यहाँ से पूर्णिमा महतो, विवि जोजओ, करुणी सरीन, गिरिजा देवी, रोबिन हंसदा, सावित्री सिंह, संगीत खान, दीपिका कुमारी जैसे उत्कृष्ट तीरंदाज खिलाड़ी मिले। राज्य सरकार ने तीरंदाजी को और भी अधिक विकसित करने के लिए सरायकेला में तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की है। यहाँ राज्य के सभी योग्य तीरंदाजों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे विश्व तीरंदाजी में भारत को पहचान दिलाने के लिए कुछ उत्कृष्ट तीरंदाज इस राज्य से भी मिल सकें।
  • अन्य खेलों में भी यहाँ के खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। वॉलीबॉल में प्रयाग दत्ता, अचल तिर्की, तरुण मुखर्जी जैसे नाम प्रमुख हैं तो पावर लिफ्टिग में सरदार इंद्रजीत सिंह, अजीत भदोरिया, राजुमुखी और लखविंदर सिंह आदि ने राज्य को गौरव दिलाया। बास्केटबॉल में जहाँ वसीम अहमद खाँ, सारिका कच्छप और राजन कुमार सिंह आदि ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया, वहीं खेल-कूद में तेजल गुप्ता, कामेश्वर रविदास, पुष्पा एक्का, कमला रजवार, नीलमणि खलखो और पुष्पा टोपनो आदि खिलाड़ियों ने अपना वर्चस्व बनाया।
  • भारत के अत्यंत लोकप्रिय खेल क्रिकेट में जो आज विश्वपटल पर टीम इंडिया की धाक है, उसमें भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इस राज्य ने क्रिकेट में सुब्रतो बनर्जी और रमेश सक्सेना जैसे खिलाड़ी भी दिए हैं। आदिवासी महिला व हॉकी की प्रसिद्ध खिलाड़ी सावित्री पूर्ति को प्रथम आदिवासी महिला खिलाड़ी होने का गौरव प्राप्त हुआ तो आश्रित लकड़ा प्रथम महिला अंतरराष्ट्रीय अंपायर बनीं।

 

  • राज्य में खेल विधा को बढ़ावा देने के प्रयासों में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के साथ प्रत्येक खेल के लिए यहाँ स्टेडियम बनाए गए हैं।
  • खेल संरचनाओं के विकास में अच्छी सफलता प्राप्त करने के लिए चहुंमुखी प्रयास किए जा रहे हैं।
  • खिलाड़ियों के खेल में उत्कृष्टता लाने के लिए सभी आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि क्रीड़ा जगत् में इस राज्य का भविष्य उज्ज्वल है।

झारखंड की खेल विभूति

जयपाल सिंह

  • 1928 के एम्सटर्डम ओलिंपिक में भारत प्रथम बार हॉकी में हिस्सा लिया, जिसके कप्तान जयपाल सिंह को बनाया गया।
  • जयपाल सिंह मुंडा जनजाति से आते हैं।
  • छोटानागपुर में जयपाल सिंह को ‘मारंग गोमके’ कहा जाता है।

महेंद्र सिंह धोनी

  • महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 1 जुलाई, 1981को राँची में हुआ।
  • उनके कॅरियर की शुरुआत टेस्ट टीम में श्रीलंका के विरुद्ध 2005 में तथा एकदिवसीय टीम में 2004 में बांग्लादेश के विरुद्ध हुआ।
  • 2007 में वे भारतीय टीम के कप्तान हुए।
  • उनके कप्तानी में 2011 के एकदिवसीय क्रिकेट विश्वकप में जीत हासिल की तथा 2013 के चैंपियन ट्रॉफी में भारत विजेता बना।

मिशल बणजामिन लकरा- इंटरनेशनल बॉक्सर

  • हैदराबाद, 2009 में 56 वें सीनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप-रजत पदक।
  • जमशेदपुर में 34वें राष्ट्रीय खेलों (पुरुष मुक्केबाजी) 2011-गोल्ड मेडल।)
  • करनैल स्टेडियम में 65वीं ऑल इंडिया इंटर रेलवे पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप-रजत पदक। 

लक्ष्मी पाडिया-इंटरनेशनल बॉक्सर

  • सेंट जॉन्स कॉलेज 2008 में 9वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप-कांस्य पदक।
  • 58वें अखिल भारतीय पुलिस महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप, पुणे 2010 गोल्ड मेडल।
  • त्रिशर, 2010 में 11वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैपियनशिप रजत पदक।
  • जमशेदपुर 2011 में 34वें राष्ट्रीय खेलों (महिला मुक्केबाजी) 2011-गोल्ड)
  • 60वीं अखिल भारतीय पुलिस महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप, 2012-गोल्ड मेडल।

दिवाकर प्रसाद-इंटरनेशनल बॉक्सर

  • हैदराबाद 2009 में 56वें सीनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
  • तालकटोरा इंडोर स्टेडियम 2010 में सहारा 57वीं सीनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
  • 2017 करनैल स्टेडियम में 65वीं ऑल इंडिया इंटर रेलवे पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल।
  • अलगप्पा इंजीनियरिंग, 2012 पर सहारा 58वें सीनियर पुरुष राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल।

ध्यानचंद अवार्ड विजेता-सिलवानुस डुंग- डुंग

  • झारखंड के हॉकी खिलाड़ी सिलवानुस डुंगडुंग को केंद्र सरकार ने ‘खेल दिवस’ के अवसर पर ‘ध्यानचंद अवार्ड’ से सम्मानित किया है।
  • सिलवानुस डुंगडुंग1980 के मास्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के अभिन्न अंग थे। उन्होंने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था।

निक्की

  • निक्की विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन में हिस्सा लेनेवाली इस राज्य की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी हैं।
  • निक्की खूटो. जिले में मुरहू ब्लॉक के गाँव हेसेल की रहनेवाली हैं।

शुभ लक्ष्मी

हजारीबाग की शुभ लक्ष्मी भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल होकर वेस्टइंडीज गई है, जो वहाँ वेस्टइंडीज के साथ पाँच मैचो की महिला टी-20 सीरीज खेली है। उन्हें गेंदबाज के रूप में भारतीय टीम में शामिल किया गया है। वर्ष 2009 और 2010 में पूर्वी क्षेत्र महिला क्रिकेट टीम में शामिल होकर बेहतर प्रदर्शन किया था। इसके बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयनित हुई।

दीपिका कुमारी

  • दीपिका झारखंड राज्य की राँची जिले की रहनेवाली है। राँची के एक ऑटो चालक की बेटी दीपिका 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दो गोल्ड दिलाए थे।
  • इसके पूर्व 2009 में कैडेट वर्ल्ड चैंपियन में देश को गोल्ड मेडल दिलाया।
  • दीपिका कुमारी को वर्ष 2012 में भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के द्वारा दूसरे सर्वोच्च खेल पुरस्कार ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

 

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