67th BPSC : एक परिचर्चा

67वीं BPSC नोटिफिकेशन, सिलेबस और संभावित परीक्षा की तिथि जैसा कि पहले ब्लाग में मैने चर्चा की थी कि BPSC की तैयारी कैसे करें| उसी संदर्भ को आज आगे बढ़ाते हुए हम नोटिफिकेशन एवं अन्य बिंदुओं पर चर्चा करते हैं ।

आयोग के दिए कलैंडर के अनुसार विज्ञापन का प्रकाशन जुलाई में संभावित है एवं अक्टूबर में प्रारंभिक परीक्षा होने  की संभावना है। आपलोग के पास एक अवसर इस बार C.D.P.O का भी है जिसका नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है एवं साथ ही उसकी भी प्रारंभिक परीक्षा अक्टूबर माह में ही संभावित है। पिछली परीक्षा के आधार पर बात की जाए तो दोनों प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 1 सप्ताह या 2 सप्ताह के अंतराल पर आयोजित किया जा सकता है। इसलिए इसबार BPSC आपको दोहरा अवसर दे रही है।

अगर हम सिलेबस की बात करें तो इस परीक्षा के सामान्य अध्ययन के पेपर में कोई भी असमानता नहीं है। दोनों परीक्षा समान ढर्रे पर होती है। प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था एवं आर्थिक व्यवस्था से संबंधित होते हैं। जिसकी सामान्य जानकारी की अपेक्षा आपसे की जाती है। इसके अलावा बिहार स्पेशल एवं समसामयिकी को मिलाते हुए पूरे 150 प्रश्न, 150 अंक के होते हैं।

अगर हम मुख्य परीक्षा के सिलेबस की बात करें तो सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-1 तीन खंड में बंटा होता है। खंड क में बिहार के कला एवं संस्कृति, भारत एवं बिहार क्षेत्रों के संदर्भ में 1857 की क्रांति एवं स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरण, बिहार के संदर्भ में किसान आंदोलन एवं जातीय आंदोलन के लिए कुछ व्यक्तित्व आधारित प्रश्न रहने की संभावना रहती है। खंड ‘क’ में कुल प्रश्नों की संख्या 6 होती है जिनमें 3 बनाना अनिवार्य है।

अगर हम खंड ‘ख’ की बात करें तो राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय संबंधों से संबंधित समसामयि की घटनाओं पर आधारित प्रश्न होते हैं। उदाहरणस्वरूप CAA, NRC भारत का चीन या नेपाल इत्यादि के साथ संबंध या ज्वलंत मुद्दे। इसमें 5 या 4 प्रश्न अमुमन देखा जाता है, जिसमें से अनिवार्यतः आपको 3 प्रश्नों का उत्तर देना है।

उपरोक्त दोनों खंड के प्रत्येक प्रश्न 38 अंक के होते हैं। अगर खंड ‘ग’ की बात करें तो इसमें डाटा इंटरपिटेशन (सांख्यिकी का एक हिस्सा) 4 प्रश्न होते हैं। जिनमें अनिवार्यतः 2 बनाने होते हैं। यह दोनों प्रश्न 36-36 अंक के होते हैं।

कुल अंक 300 = 36 × 6 = 228

= 36× 2 = 72

300

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र की बात करें तो अंक एवं जबाव देने वाले प्रश्नों की संख्या समान हैं परंतु यहां पर प्रश्न के विषय अलग है।

खंड ‘क’ की बात करें तो पूरी तरह राजव्यवस्था पर आधारित होते हैं। उदाहरणस्वरूप मुख्य मंत्री की कार्यऔर शक्तियां, 15वें वित्त आयोग की अनुशंसाएं इत्यादि। इसमें कुल प्रश्न 4 आते हैं। जिनमें से अनिवार्यत: तीन प्रश्नों के जवाब देने होते हैं।

खंड ‘ख’ की बात करें तो ये पूरी तरह से भूगोल एवं अर्थव्यवस्था मिश्रित प्रश्न आते हैं, जैसे कृषि से संबंधित प्रश्न, विकास से संबंधित प्रश्न, सूचकांक पर आधारित प्रश्न इत्यादि इस भाग में भी प्रश्नों को की संख्या 4 होती है और अनिवार्यतः इसमें से भी तीन बनाना होता है।

खंड ‘ग’ की बात की जाय तो इसमें समसामयिकी घटनाओं या ज्वलंत मुद्दे पर आधारित विज्ञान एवं प्रौद्योगिक के 4 प्रश्न होते हैं। जैसे पंचायत की अब तक की उपलब्धि, ऊर्जा सेक्टर, बिहार में आपदा को रोकने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का योगदान इत्यादि। इस भाग में आए हुए प्रश्नों में से दो अनिवार्यतः बनाने होते हैं।

अतः उपरोक्त के सिलेबेस पर आधारित तथ्य के साथ आगे के ब्लॉग में हमलोग इस बात की चर्चा करेंगे कि ‘तैयारी के दरमियान क्या न करें।’

Leave a Reply

Your email address will not be published.