चक्रवात यास (Yaas)

परिचय:

अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखे गये इस चक्रवात ने ओडिशा और बंगाल को सर्वाधिक प्रभावित किया। इस चक्रवात को यास नाम ओमान द्वारा दिया गया है, जो एक फारसी भाषा का शब्द है। अंग्रेज़ी में इसका अर्थ  ‘जैस्मीन’ (Jasmin) होता है।

इससे पहले ताऊते  नामक एक अन्य चक्रवाती तूफान ने पश्चिम तटीय भारतीय राज्यों केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा तथा कर्नाटक,आदि को प्रभावित किया था।

चक्रवातों का वर्गीकरण:

चक्रवातों को उनके द्वारा उत्पन्न अधिकतम निरंतर सतही हवा की गति (Maximum Sustained Surface Wind Speed- MSW) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। चक्रवातों को गंभीर (48-63 समुद्री मील का MSW ), बहुत गंभीर (64-89 समुद्री मील का MSW), अत्यंत गंभीर (90-119 समुद्री मील का MSW) और सुपर साइक्लोनिक स्टॉर्म (120 समुद्री मील का MSW) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। एक नॉट (knot)  1.8 किमी. प्रति घंटे (किलोमीटर प्रति घंटा) के बराबर होता है।

उष्णकटिबंधीय चक्रवात:

  • उष्णकटिबंधीय चक्रवातएक तीव्र गोलाकार तूफान है जो गर्म उष्णकटिबंधीय महासागरों में उत्पन्न होते हैं तथा कम वायुमंडलीय दबाव, तेज़ हवाएँ और भारी बारिश इसकी विशेषताएँ हैं।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की विशिष्ट विशेषताओंमें एक चक्रवातों की आंख (Eye) या केंद्र में साफ आसमान, गर्म तापमान और कम वायुमंडलीय दबाव का क्षेत्र होता है।
  • इस प्रकार के तूफानों को दक्षिण-पश्चिम प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवात और उत्तर-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विली-विलीज़ कहा जाता है।वहीँ इन्हें उत्तरी अटलांटिक और पूर्वी प्रशांत में हरिकेन तथा दक्षिण-पूर्व एशिया एवं चीन में टाइफून कहा जाता है।
  • ये चक्रवातउत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत अर्थात् वामावर्त और दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त की गति धारण करते हैं।
  • अनुकूल परिस्थितियाँ:
    • 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान सहित एकबड़ी समुद्री सतह।
    • कोरियालिस बलकी उपस्थिति।
    • ऊर्ध्वाधर/लंबवत हवाकी गति में छोटे बदलाव।
    • पहले से मौजूदकमज़ोर निम्न-दबाव क्षेत्र या निम्न-स्तर-चक्रवात परिसंचरण।
    • समुद्र तल प्रणाली के ऊपरविचलन।

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण कैसे किया जाता है ?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक क्षेत्र के देश चक्रवातों को नाम देते हैं। उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बने उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को कवर करता है। इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 13 सदस्य बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्याँमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) विश्व के छह क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्रों (Regional Specialised Meteorological Centres- RSMC) में से एक है, जिसे सलाह जारी करने और उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम रखने का अधिकार है। यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक एजेंसी है।

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