एक साप्ताहिक श्रृंखला (Part-2)

एक कहावत है “जिसके पांव न फटे विबाई,

                          वो क्या जाने पीड़ पराई|”

जब मैं आपके इस सफ़र को आसान बनाने की प्रयास में ये आलेख लिख रहा हूँ तो पूर्णतः नैतिक बोध और एक जवाबदेही के भाव से भरा हूँ| मुझे इस सफ़र की चुनौतियों एवं उन चुनौतियों से  सफलता पूर्वक निपटने की अनुभूति भी है|

पिछले आलेख में मैं इस बात की चर्चा किया था कि आयोग की परीक्षा के तीनों स्तर के लिए अपनी रणनीति अलग-अलग होनी चाहिए क्योंकि ये तीनों परीक्षा हमसे अलग- अलग अपेक्षा रखती है|

सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा की बात करते हैं और इसे समझने हेतु 64वीं BPSC की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गये प्रश्न का उदाहरण लेते हैं| प्रारम्भिक परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होते हैं और ये अलग-अलग विषयों से सम्बन्धित होते हैं एवं इसे 2 घंटे अर्थात 120 मिनट में करने होते हैं| अमूमन अलग-अलग विषयों के प्रश्नों की संख्या अलग-अलग होती है| 64वीं BPSC प्रारम्भिक परीक्षा के प्रश्नों का विश्लेषण :-

विषय                        प्रश्नों की संख्या

  1. इतिहास        – 41  (35-45)
  2. करेंट अफैर्स (समसामयिकी) – 33  (25-35)
  3. सामान्य विज्ञान – 20  (20-30)
  4. भारत एवं बिहार का भूगोल -18   (15-20)
  5. भारतीय एवं बिहार की अर्थ्व्यबस्था-16 (15-25)
  6. भारतीय राजव्यवस्था -12   (10-20)
  7. गणित -10   (10)

कोष्ठक में दी गई संख्या अलग-अलग वर्षों में पूछी गई संख्या का संभावित अंतराल है| आप उपर्युक्त आंकड़े से इस बात को बखूबी समझ सकते हैं कि सभी विषय आपके लिए महत्वपूर्ण है विशेष कर इतिहास, समसामयिकी, सामान्य विज्ञान को अपना सबल पक्ष बना कर आप प्रारम्भिक परीक्षा में अपनी सफलता को सुनिश्चित कर सकते हैं परंतु याद रहे किसी भी विषय को छोड़ना नहीं चाहिए| इसलिए मैंने प्रारम्भिक परीक्षा की रणनीति हेतु ‘रणनीतिक रूप से समग्रता’ की बात किया हूँ| मेरे कहने का आशय यह है कि आपको प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी समग्र रूप से सभी विषयों पर आनुपातिक समय देना होगा | इतिहास को किस प्रकार तैयार किया जाए इसकी चर्चा आगे विषय संबंधित आलेख में करेंगे| सामान्य विज्ञान हेतु NCERT की  वर्ग 9 एवं 10 की किताब एवं साथ में LUCENT की किताब पर्याप्त है |  भूगोल एवं अर्थव्यवस्था की चर्चा विषय सम्बन्धित आलेख में करेंगे | भारतीय राजव्यवस्था के लिए NCERT की वर्ग 11 की किताब “भारत का संविधान – सिद्धांत एवं व्यव्हार” का अध्ययन किया जा सकता है| इसके साथ इसी ब्लॉग में आपको पर्याप्त मात्रा में सामग्री मिल जाएगी की आप यहीं से उसे पढ़ सकते हैं| गणित हेतु पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास कर कम चलाया जा सकता है परंतु अभ्यास पर्याप्त होनी चाहिए| समसामयिकी की तैयारी हेतु आप नियमित रूप से FLAVIDO BLOG एवं FORUMIAS BLOG के कंटेट को पढ़ सकते हैं| “समसामयिकी की  तैयारी हेतु क्या हो रणनीति” नामक आलेख में इसकी विस्तृत चर्चा करेंगे|

अब मुख्य परीक्षा की चर्चा करते हैं| मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो प्रश्न पत्र (प्रत्येक 300 अंक का), वैकल्पिक विषय का एक प्रश्न पत्र (300 अंक का) एवं एक अनिवार्य विषय हिंदी (100 अंक का – केवल अर्हता हेतु) की परीक्षा होती है  | अतः कुल मिलाकर मुख्य परीक्षा में 900 निर्णायक अंक होते हैं|

अब यहाँ सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 एवं 2 का विश्लेषण करेंगे|

 सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र – 1 :-

भाग – 1 – भारत का आधुनिक इतिहास एवं भारतीय संस्कृति

इसमें 4 से 6 प्रश्न होते हैं जिसमें से 3 प्रश्नों का उत्तर देना होता है प्रत्येक का प्राप्तांक 38 होता है अतः इस भाग से अधिकतम 114 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

भाग – 2 – राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के घटनाक्रम

इसमें 4 से 5 प्रश्न होते हैं जिसमें से 3 प्रश्नों का उत्तर देना होता है प्रत्येक का प्राप्तांक 38 होता है अतः इस भाग से भी अधिकतम 114 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

भाग – 3 – सांख्यिकीय विश्लेषण, आरेखण एवं चित्रण

इसमें 4 प्रश्न होते हैं जिसमें से 2 प्रश्नों का उत्तर देना होता है प्रत्येक का प्राप्तांक 36 होता है अतः इस भाग से अधिकतम 72 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र – 2 :-

भाग – 1 – भारतीय राजव्यवस्था 

इसमें 4 प्रश्न होते हैं जिसमें से 3 प्रश्नों का उत्तर देना होता है प्रत्येक का प्राप्तांक 38 होता है अतः इस भाग से अधिकतम 114 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

भाग  – 2 – भारतीय अर्थव्यवस्था एवं भारत का भूगोल

इसमें 4 प्रश्न होते हैं जिसमें से 3 प्रश्नों का उत्तर देना होता है प्रत्येक का प्राप्तांक 38 होता है अतः इस भाग से भी अधिकतम 114 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

भाग – 3 – भारत के विकास में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव

इसमें 4 प्रश्न होते हैं जिसमें से 2 प्रश्नों का उत्तर देना होता है प्रत्येक का प्राप्तांक 36 होता है अतः इस भाग से अधिकतम 72 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

सामान्य अध्ययन के दोनों प्रश्न पत्र 300 अंक के होते हैं एवं 3 घंटे में इसे करना होता है अतः 1 प्रश्न के उत्तर लेखन हेतु आपको 22.15 मिनट मिलता है| कुल मिलाकर 2.15 मिनट में उत्तर के प्रारूप तय किए  तो आपको 20 मिनट में एक प्रश्न की उत्तर लिखनी होगी| अतः अभ्यास के बिना इसकी तैयारी लगभग अधूरी मानी जाएगी |

अब मुख्य परीक्षा की रणनीति हेतु पिछले आलेख में जो मैंने ‘चयनित समग्रता’ की बात कही है उस पर  प्रकाश डालते हैं – चयनित समग्रता का आशय यह है कि मुख्य परीक्षा में कुछ प्रश्न तो पहले से तय माने जाते हैं| इतिहास में चयनित समग्रता कारगर सिद्ध होती है साथ ही भारतीय राजव्यवस्था वाले भाग में भी ऐसा होता है| अतः मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु चयनित टोपिक के सहारे सफलता प्राप्त की जा सकती है परंतु यह रणनीति प्रारम्भिक परीक्षा हेतु कारगर नहीं होती है |

साक्षात्कार हेतु सबसे मददगार कुछ होती है तो वह है आपकी सकारात्मक वृति एवं आत्मविश्वास से लबरेज आपका व्यक्तित्व| साक्षात्कार हेतु एक अलग से आलेख आप लोग के समक्ष रखेंगे जिसमें छठी JPSC में 2ND स्थान प्राप्त मेरे मित्र झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अशोक भारती के साक्षात्कार अनुभव उनके ही शब्दों में साझा करेंगे और साथ ही 64वीं BPSC में बिहार प्रशासनिक सेवा  हेतु 24वीं स्थान प्राप्त मेधा सिन्हा का भी अनुभव साझा करेंगे|

अपने पिछले आलेख में मैं इस बात की चर्चा किया था की अपनी रणनीति को किस प्रकार एकीकृत करें की ये अंतिम परिणाम में अपने स्थान को सुनिश्चित कर सके| इस उद्देश्य कि प्राप्ति हेतु अपने अध्ययन को समग्रता में ही रखना चाहिए क्योंकि जो अपनी तैयारी को समग्र रूप से किया हो वही मुख्य परीक्षा के समय प्रभावी चयन कर सकता है और अपने लेखन को प्रभावी बना  सकता है| एक और बात बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप कितना भी जानकर हो गये, यदि आपका प्रस्तुतीकरण प्रभावी नहीं है तो मेहनत परिणाम में परिवर्तित नहीं हो पाता है अतः स्वयं का मुल्यांकन भी करते रहिये|

अब अपने अगले आलेख में आपके लक्ष्य की ओर एक और कदम बढाकर आपकी सेवा में उपस्थित होऊंगा| तब तक के लिए “जय भारत”

(कुँवर आईंस्टीन)

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