उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य एवं अधीनस्थ सेवा परीक्षा

13  जून  2021 को होने वाली प्रारंभिक परीक्षाव अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में अधिसूचित मुख्यपरीक्षा का आयोजन फ़िलहाल वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के कारण टल गया है परन्तु इसके आगामी आयोजन हेतु उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अपनी कमर कस चुका है। कुल 538 पदों के लिए सात लाख के करीब अभ्यर्थी इस प्रतिस्पर्धामें शामिल होंगे अर्थात 1 पद के लिए 1250 से भी अधिक उम्मीदवार दौड़ में शामिल है।

आखिरी यह परीक्षा है क्या?

तीन चरणों में यह उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित किया जाने वाला परीक्षा है जिसके माध्यम से राजकीय सेवाओं के विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। पदों में उपसमाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक, खंड विकास पदाधिकारी, सहायक आयुक्त, गन्नानिरीक्षक, परिवहन अधिकारी आदि के पद शामिल हैं।

परीक्षा का प्रारूप

इस परीक्षा का प्रारूप कमोवेष संघ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित किए जाने वाली परीक्षा की भांति ही होता है।परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में होता है । ये तीन चरण हैं- प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार।

प्रारंभिकपरीक्षा

सामान्यअध्ययनI  -इसमें 150 प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका पूर्णांक 200 होता है। इसके लिए 2 घंटे की अवधि निर्धारित होती है। इसमें ने गेटिव मार्किंग काभी प्रावधान किया गया है अर्थात तीन गलत उत्तर पर  2 अंक काट लिए जाते हैं। इसमें भारतीय इतिहास व स्वतंत्रता संघर्ष, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान, पर्यावरण एवं पारिस्थिति की, समसामयिकी, उत्तर प्रदेश विशेष आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं। इस चरण में उतीर्ण उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

सामान्य अध्ययन II –इसे सीसैट भी कहा जाता है। इसमें अंकगणित, ज्यामिति, सांख्यिकी, तर्कशक्ति, सामान्य हिंदी,  सामान्य अंग्रेजी आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं जो कुल 200 अंक के होते हैं। इनकी प्रकृति क्वालीफाइंग होती है।

मुख्यपरीक्षा

इसमें प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र शामिल होते हैं। इसमें कुल 8 पेपर होते हैं। सामान्य हिंदी व निबंधके 150-150 नंबर के तथा 4 सामान्य अध्ययनव 2 वैकल्पिक विषय  200-200 नंबर के होते हैं

अर्थात कुल 1500 अंको का पेपर होता है । इनमें व्याख्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं तथा इन सभी विषयों के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित होता है। वैकल्पिक विषय के रूप में हम विभिन्नउपलब्ध विषयों यासाहित्य में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। हालाँकि उम्मीदवार को सलाह दी जाती है की वो उन्ही विषयों का वैकल्पिक विषय के रूप में चयन करें जो या तो उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के दौरान पढ़ा है या उनमें उनकी गहरी रूचि है। मेधा सूची के निर्धारण में मुख्य परीक्षा की अहम भूमिका होती है।

 

साक्षात्कार

साक्षात्कार हेतु मुख्य परीक्षा में उतीर्ण छात्रों को आमंत्रित किया जाता है। एक बोर्ड के सामने विभिन्न प्रकार के प्रश्नों द्वारा व्यक्ति के व्यक्तित्व के हर आयाम का आकलन किया जाता है। यह 100 अंक का होता है।

अंत में उम्मीदवार के मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंक को जोड़कर मेधा सूची का प्रकाशन किया जाता है।

 

क्या हो रणनीति

मानक पुस्तकों के अध्ययन के साथ-साथ देश दुनिया में घटित हो रही घटनाओं पर गहरी अंतर्दृष्टि, विभिन्न प्रकृति के प्रश्नों के समझ ने की क्षमता, निरंतर व गुणवत्ता पूर्ण उत्तर लेखन तथा व्यक्तित्व विकास इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने हे तुमूलभूत आवश्यकताओं में शामिल है।

क्या टेस्ट सीरीज आवश्यक है?

टेस्ट सीरीज के माध्यम से हम अपने ज्ञान को उचित मंच व समय पर अभिव्यक्त कर पाने के थोड़ा और कड़ी पहुंच जाते हैं। जब हम अपने ही स्तर के छात्रों के साथ उत्तर लेखन का कार्य करते हैं तो हमारे अंद रप्रतिस्पर्धात्मकता का विकास होने के साथ-साथ परीक्षा कक्ष के अंदर का भय भी समाप्त हो जाता है हालांकि टेस्ट सीरीज के प्रश्न गुणवत्तापूर्ण तथा मुल्यांकनकर्ता ज्ञानी तथा अनुभवी होने चाहिए।

आपकी यात्रा में flavido Classes की उपयोगिता ?

हम प्रश्नों की गुणवत्ता को बनाएरखने के साथ-साथ परीक्ष कों की दक्षता को भी ध्यान में रखते हैं। हम प्रश्नों की बदल रही प्रकृति पर निरंतर दृष्टि बनाए रखकर स्वयं को भी उसी अनुसार बदलते रहते हैं ताकि हमारे छात्र स्वयं को पीछे महसूस ना करें। भाषाई शुद्धता, अनुवाद की गुणवत्ताव प्रश्नों के स्तर से हम समझौता नहीं करते।

 

सुभेछा !

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